रायपुर कमिश्नर ने दिए चाकूबाजी-नशे पर सख्ती और विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश
रायपुर कमिश्नरेट के प्रथम पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने 24 जनवरी को सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में कमिश्नरेट रायपुर के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों की पहली समीक्षा बैठक ली। बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सहित समस्त डिप्टी पुलिस कमिश्नर, एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर डॉ. शुक्ला ने सभी अधिकारियों से परिचय प्राप्त करते हुए रायपुर कमिश्नरेट की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। उन्होंने शहर में पुलिस की मौजूदगी और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए विजिबल पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने, पैदल पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा रात्रि गश्त को सशक्त करने के निर्देश दिए।
पुलिस कमिश्नर ने चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी पर सख्त नियंत्रण के निर्देश देते हुए कहा कि गुंडा बदमाशों और निगरानीशुदा अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से प्रतिबंधित नशे के विक्रय पर पूर्ण रोक लगाने और पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। चाकूबाजी की छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली, धरना या सामूहिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा और इसके लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। साथ ही निर्धारित समयावधि के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट जैसे संस्थानों को अनिवार्य रूप से बंद कराने के निर्देश दिए गए।
कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को सजग, सक्रिय और उत्तरदायी भूमिका निभाने, साथ ही पुलिस बल में अनुशासन का उच्च स्तर बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात पुलिस कमिश्नर ने साइबर और अपराध शाखा के अधिकारियों की बैठक लेकर बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताई और पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने तथा मामलों में मुख्य आरोपियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रात्रि 10 बजे यातायात अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और चालान के नाम पर आम जनता को अनावश्यक परेशान न करने के निर्देश भी दिए गए।
अंत में जिला विशेष शाखा के अधिकारियों की पृथक से विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर कानून-व्यवस्था की दृष्टि से आसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए।



